Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

कोलकाता, 29 जनवरी (हि. स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के नाज़िराबाद इलाके में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लागू निषेधाज्ञा के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी गुरुवार को घटनास्थल के पास पहुंचे, हालांकि उन्होंने वास्तविक अग्निकांड स्थल में प्रवेश नहीं किया।
घटनास्थल पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। 26 जनवरी को गोदामों में लगी आग में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि मैं कानून का पालन करता हूं। मैं 100 मीटर की दूरी से ही स्थिति का जायजा लूंगा।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दमकल विभाग देर से मौके पर पहुंचा। हादसे के बाद भी तृणमूल कांग्रेस सरकार सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि जब मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता घटनास्थल पर जा सकते हैं, तो विपक्ष के नेता को रोकने के लिए सरकार इतनी “सक्रिय” क्यों है।
उन्होंने नाज़िराबाद से कुछ किलोमीटर दूर नरेंद्रपुर में शुक्रवार को आंदोलन करने की घोषणा भी की।
निषेधाज्ञा के बावजूद शुभेंदु अधिकारी कई भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ आनंदपुर पहुंचे। इसके बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर इस त्रासदी का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
उधर, पुलिस के अनुसार, घनी आबादी वाले इलाके में तलाशी और शव बरामदगी का अभियान जारी है। आग में कई इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जले हुए भवनों से 13 और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जबकि 28 लोग अब भी लापता हैं। इससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दमकल विभाग और फॉरेंसिक टीमें आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर