Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

बेंगलुरु, 24 जनवरी (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में भी महिलाएं मानसिक और शारीरिक शोषण का शिकार हैं और समान अवसरों से वंचित जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति समाज को आत्ममंथन के लिए विवश करती है।
सिद्धारमैया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में भ्रूण हत्या, बाल विवाह, घरेलू हिंसा और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चेताया कि यदि आज इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में महिलाओं के अधिकारों और अवसरों के विकास में कठिनाई होगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के सपनों को साकार करने के लिए समाज का समर्थन और उन्हें समाज की अमूल्य संपत्ति के रूप में विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से लागू की गई ‘शक्ति’, ‘गृहलक्ष्मी’, ‘गृहज्योति’ सहित अन्य गारंटी योजनाओं के माध्यम से कर्नाटक में महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हुई है। इन योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है।
सिद्धारमैया ने कहा कि सुरक्षा और सशक्तिकरण के माध्यम से कर्नाटक इस दिन को सार्थक रूप से मना रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर लड़की सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा