त्रिभाषा नीति समिति की फिर बढ़ी समय सीमा
मुंबई, 22 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने फिर एक बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के स्कूलों में त्रिभाषा नीति तय करने के लिए गठित की गई विशेषज्ञों की समिति की समय सीमा एक महीने तक बढ़ा दी है। अब यह समिति 4 फरवरी,2026 तक सरकार को अपनी
त्रिभाषा नीति समिति की फिर बढ़ी समय सीमा


मुंबई, 22 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने फिर एक बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के स्कूलों में त्रिभाषा नीति तय करने के लिए गठित की गई विशेषज्ञों की समिति की समय सीमा एक महीने तक बढ़ा दी है। अब यह समिति 4 फरवरी,2026 तक सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।

राज्य में पहली कक्षा से हिंदी भाषा को अनिवार्य किए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद 30 जून, 2025 को डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया था। ताकि यह पता लगाया जा सके कि राज्य में त्रिभाषा नीति को असरदार तरीके से कैसे लागू किया जा सकता है। यह समिति राज्य में आठ अलग-अलग जगहों का दौरा कर चुकी है। राजनेताओं, शिक्षाविदों,संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अभिभावक- शिक्षक संगठनों के विचार सुन चुकी है। इस समिति को पहले 4 जनवरी तक एक्सटेंशन दिया गया था। अलग-अलग स्तर से मिली राय, सुझाव और तकनीकी जानकारी के विश्लेषण करने का काम अभी भी जारी है।

इस काम को देखते हुए डॉ. नरेंद्र जाधव ने सरकार से एक्सटेंशन का अनुरोध किया था। इसके तहत स्कूली शिक्षा व खेलकूद विभाग ने गुरुवार को फैसला जारी किया और समिति की समय सीमा फिर से 4 फरवरी तक बढ़ा दी है। राज्य के स्कूलों में मराठी, हिंदी और इंग्लिश या दूसरी भाषाओं की जगह इस समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। विशेषकर नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को दी गई अहमियत की पृष्ठभूमि में इस समिति की सिफारिशें बहुत अहम होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार