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कैथल, 12 जनवरी (हि.स.)।
जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभाग हॉट स्पॉट क्षेत्रों की पहचान करें और इन इलाकों में कड़ी निगरानी के साथ नियमित व औचक छापेमारी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पुराने और खंडहर हो चुके सरकारी भवनों पर भी विशेष नजर रखी जाए। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुशील कुमार ने एनकॉर्ड की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी डा. सुशील कुमार ने कहा कि नशा मुक्त जिला बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर गठित कमेटियां केवल जागरूकता तक सीमित न रहें, बल्कि नशे से संबंधित हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रशासन तक समय पर पहुंचाएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
एडीसी ने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को अधिक से अधिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। साथ ही नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स कमेटी गठित करने के आदेश भी जारी किए गए।
डीडीपीओ को निर्देश दिए गए कि वे खंड स्तर पर बैठकें लेकर ग्राम पंचायतों के सरपंचों के माध्यम से सूचनाएं एकत्रित करें, ताकि नशे के कारोबार पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में 11 नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे