Enter your Email Address to subscribe to our newsletters
शिलांग, 09 जुलाई (हि.स.)। फुटबॉल प्रेमियों का शहर शिलांग लगातार दूसरी बार एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 134वें इंडियन ऑयल डूरंड कप की मेजबानी को तैयार है। डूरंड कप की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियां राज्य सम्मेलन केंद्र (स्टेट कन्वेंशनल सेंटर) में प्रदर्शित की गईं हैं। इस आयोजन के मुख्य अतिथि मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा थे। उनके साथ खेल और युवा मामलों के मंत्री शक्लियर वारजरी, ईस्टर्न एयर कमांड के एयर मार्शल सुरत सिंह, 101 क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल संजय मलिक तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इन तीन चमचमाती ट्रॉफियों में मुख्य डूरंड कप ट्रॉफी, शिमला ट्रॉफी (जो 1904 में शिमला के निवासियों द्वारा भेंट की गई थी और एक रोलिंग ट्रॉफी है), और प्रेसिडेंट्स कप शामिल हैं, जिसे विजेता टीम स्थायी रूप से अपने पास रखती है। इन ट्रॉफियों को दिन में शहर के प्रमुख स्थलों पर रोड शो के माध्यम से ले जाया जाएगा, जिससे फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह और भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री कॉनराड के.संगमा ने कहा, मैं इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने शिलांग को डूरंड कप के 134वें संस्करण के मेज़बान शहरों में शामिल किया। शिलांग के जेएन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कुल आठ मुकाबले खेले जाएंगे। पिछले साल हमने बहुत ही सफल टूर्नामेंट आयोजित किया था, और मैं गर्व से कह सकता हूं कि शिलांग सबसे अच्छे मेज़बानों में एक था, चाहे वह माहौल हो, व्यवस्थाएं हों या प्रशंसकों की उपस्थिति। मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस वर्ष भी वही जुनून और उत्साह बना रहेगा। इस बार अधिक स्थानीय टीमें भाग ले रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए यह और भी रोमांचक होगा।
खेल मंत्री शक्लियर वारजरी ने अपने भाषण में राज्य में फुटबॉल के प्रति जुनून को रेखांकित किया और कहा कि “पिछली बार भी जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। उन्होंने कहा कि मेघालय सरकार खेलों के विकास हेतु बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार मावखानू में एशिया के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियमों में से एक का निर्माण कर रही है, जिसकी क्षमता 40,000 दर्शकों की होगी। उनका मुख्य लक्ष्य राज्य से ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है।
एयर मार्शल सुरत सिंह, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न एयर कमांड ने कहा, डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। यह हमारी विरासत, एकता और हमारे लोगों की अटूट भावना का उत्सव है। भारतीय सशस्त्र बल इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करते हैं, जो समुदायों को एक साथ लाता है और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करता है। शिलांग ने इस टूर्नामेंट को अद्वितीय उत्साह के साथ अपनाया है, और हम मेघालय सरकार के निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए आभारी हैं। भारतीय सशस्त्र बल इस ऐतिहासिक मंच के माध्यम से खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी भाग लेने वाली टीमों को शुभकामनाएं देता हूं और डूरंड कप के इस संस्करण के सफल और उत्साहपूर्ण आयोजन की कामना करता हूं।
ट्रॉफियों की यात्रा स्टेट कन्वेंशनल सेंटर से शुरू होगी और कैमल बैक रोड, आईजीपी – ऑल सेंट्स चर्च, बारिक, माल्की, धनकेती, डॉन बॉस्को, लैइतमुखराह पुलिस प्वाइंट, बीट हाउस, फायर ब्रिगेड, नोंगथिम्माई, सुपर केयर रोड, रिनजाह, नोंग्रिम हिल्स, सेंट एडमंड्स स्कूल, सिविल हॉस्पिटल होते हुए खिंडैलाड पर समाप्त होगी, जहाँ मेघालय ग्रासरूट्स म्यूज़िक प्रोजेक्ट और टेरेटोरियल आर्मी बटालियन बैंड की प्रस्तुति के साथ ट्रॉफियों का स्वागत किया जाएगा।
शिलांग में कुल 8 मैच खेले जाएंगे, जिनमें पहला मुकाबला 26 जुलाई को होगा। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रोमांचक शिलांग डर्बी देखने को मिलेगी, जिसमें शिलांग लाजोंग एफसी और रंगदाजिएड यूनाइटेड एफसी आमने-सामने होंगे। गत विजेता नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी और मलेशिया की सर्विसेस टीम भी इस ग्रुप का हिस्सा होंगी, जिससे टूर्नामेंट को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिलेगा। पिछले वर्ष शिलांग लाजोंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप एफ में एफसी गोवा को पीछे छोड़कर टॉप किया था और ईस्ट बंगाल एससी को क्वार्टर फाइनल में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, जहां वे नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से हार गए थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे