मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विश्व के दूसरे सबसे बड़े खादी तिरंगे झंडे का अनावरण किया
बेलगाम, 09 दिसंबर (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौधा की पश्चिमी सीढ़ियों पर मंगलवार को दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खादी तिरंगे झंडे का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर और कल
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बेलगाम, 09 दिसंबर (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौधा की पश्चिमी सीढ़ियों पर मंगलवार को दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खादी तिरंगे झंडे का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर और कलबुर्गी जिले के कमलापुर के विनोद कुमार रेवप्पा बामन्नावर के परिवार के सदस्यों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इसे संभव बनाया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय तिरंगा सिर्फ खादी का कपड़ा नहीं है, बल्कि भारत के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तीरंगे झंडे में तीन रंग और एक अशोक चक्र है। केसरिया रंग शक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक है। सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक है, जबकि हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है। अशोक चक्र देश की अर्थव्यवस्था को निरंतर बढ़ावा देने और सभी के लिए समान अवसरों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्र के तिरंगे झंडे का सम्मान करना चाहिए। सभी में देशभक्ति का भाव जागृत होना चाहिए।

सिद्धारमैया ने आगे कहा कि इस अवसर पर, उन लोगों को याद करना आवश्यक है जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया और संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व महात्मा गांधीजी ने किया था। गांधी ने बेलगाम में कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, बेलगाम में सुवर्ण सौधा के बगल में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि आजादी को 79 साल हो गए हैं। हमें आत्मचिंतन करना चाहिए कि हमने इस देश में भाईचारा, देशभक्ति और मानवीय समाज को किस हद तक हासिल किया है। इसके बिना, एक इंसान के रूप में जीना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सोच सभी छात्रों और युवाओं में विकसित होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा