Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। लोक भवन में पहली बार हरियाली तीज का भव्य आयोजन किया गया। लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता की पहल पर आयोजित समारोह में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, नारी शक्ति और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर समागम देखने को मिला। कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया।
समारोह में महिला कलाकारों ने हरियाली तीज और देश की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सिविल सोसायटी से जुड़ी महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान लोक भवन का दरबार हॉल पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा।
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने समारोह में पहुंचकर महिलाओं, कलाकारों और अतिथियों से संवाद किया तथा प्रदेशवासियों को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आयोजन के लिए लेडी गवर्नर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरियाली तीज भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रेम, आस्था, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देता है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे पर्व सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी देव संस्कृति, लोक परंपराओं, मेलों और त्योहारों के लिए जाना जाता है तथा इस विरासत के संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है।
उन्होंने हरियाली तीज को नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि महिलाओं को समान अवसर और अपनी क्षमता के पूर्ण उपयोग के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए वनों के संरक्षण और जल संवर्धन का आह्वान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत महिलाओं और अतिथियों को पौधे वितरित किए। इसके बाद पौधरोपण भी किया गया। लेडी गवर्नर ने आयोजन को सामाजिक सद्भाव, नारी सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल बताया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला