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बिलासपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के निहारी में वन महोत्सव का शुभारंभ करते हुए वन मित्रों का मासिक मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर सहजन का पौधा भी रोपा। वन महोत्सव के तहत प्रदेश में 7,000 हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
दधोल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने भराड़ी उप-तहसील को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हटवाड़ में डॉक्टरों के दो अतिरिक्त पद सृजित करने, तड़ौन पंचायत में पशु औषधालय खोलने तथा राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में एमबीए, एमसीए और एमटीए की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। राजकीय महाविद्यालय घंडावली में बीबीए और बीसीए की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। उन्होंने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों के बदले 17 अगस्त को प्रदेश के सभी विद्यालयों में अवकाश की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के कल्याण में उपयोग किया जाएगा।
आपदा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 23,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा सात लाख से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हितों के लिए मजबूती से लड़ रही है। वाइल्डफ्लावर हॉल मामले में जीत से प्रदेश को 450 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और संपत्ति से करीब 20 करोड़ रुपये वार्षिक आय हो रही है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से 7,200 करोड़ रुपये के बकाया दावे को भी सरकार मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के बाद केंद्र ने प्रदेश की 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है और अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लंबा राजनीतिक संघर्ष किया है और एनएसयूआई, युवा कांग्रेस तथा कांग्रेस संगठन में लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं।
धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मछुआरों की समस्याओं के समाधान के लिए भी योजनाएं शुरू की हैं तथा विधवाओं के बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी प्रदान करने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला