युवान कार्यक्रम से जुड़ रहे छात्र, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बलौदाबाजार, 19 जुलाई (हि.स.) । वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा संचालित युवान कार्यक्रम एवं वन महोत्सव के तहत रविवार को जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में प्रकृति आधारित गतिविधिय
युवान कार्यक्रम के तहत एक पेड़ माँ के नाम अभियान में पौधारोपण करते विद्यार्थी


बलौदाबाजार, 19 जुलाई (हि.स.) । वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा संचालित युवान कार्यक्रम एवं वन महोत्सव के तहत रविवार को जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में प्रकृति आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत करीब 200 विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने और पौधों की सुरक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत अर्जुनी, देवपुर, कोठारी, सोनाखान और बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों के विद्यालयों में विद्यार्थियों को वन भ्रमण कराया गया। वन अधिकारियों ने बच्चों को वनों की उपयोगिता, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, जल एवं मृदा संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। साथ ही मिट्टी के कटाव को रोकने के उपायों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया।

पौधारोपण अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन प्रबंधन समितियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने छायादार एवं फलदार पौधे लगाए। सभी ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया।

युवान कार्यक्रम का आयोजन अर्जुनी, कोठारी, देवपुर, सोनाखान और बल्दाकछार वन परिक्षेत्र के सात विद्यालयों एवं परिसरों में किया गया, जहां बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।

वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि, युवान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ते हुए उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सक्रिय भागीदारी से ही प्रकृति संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा। इसी उद्देश्य से वनमंडल द्वारा प्रत्येक शनिवार नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर