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- मुख्यमंत्री योगी ने किया उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण
- मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया
- मुख्यमंत्री ने बहराइच में मगरमच्छ की चपेट में आने से बच्चे की मौत पर जताया दुख
लखनऊ, 19 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यह भवन 200 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया और यहां लगाई गई प्रदर्शनी व भवन का अवलोकन कर कार्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर आपदा से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश को ऐसा राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक यह विश्वास लेकर जीवन जी सके कि संकट की खड़ी में सरकार के साथ वह भी तैयार है। यह नागरिक व राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए। सीएम ने उम्मीद जताई कि यह केंद्र हर नागरिक के मन में नए विश्वास का जागरण करेगा।
सतर्कता, तैयारी व जागरूकता आपदा में जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायः आपदा व जनधन की व्यापक हानि के बाद हम लोग सक्रिय होते हैं औऱ संवेदना व्यक्त करते हैं लेकिन आपदा के प्रति पहले से सतर्कता, तैयारी व जागरूकता जनधन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है। दैनिक जीवन, स्कूली पाठ्यक्रम व परिवार में संवाद के जरिए इसके बचाव के बारे में बताने की आवश्यकता है। सीएम ने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्कूल व परिवारों में चर्चा होती थी कि आग, भूकंप, बाढ़ के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इन घटनाओं में असामान्य आचरण नुकसान पहुंचाता है, लेकिन जागरूकता के जरिए इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो जनधन की हानि को नियंत्रित किया जा सकता है।
घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति खतरनाक
मुख्यमंत्री ने घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति को खतरनाक बताया। उन्होंने प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। जिन आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है, उन्हें इस भर्ती में प्राथमिकता देंगे। होमगार्ड को भी आपदा मित्र का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह फर्स्ट रिस्पांडर हैं। सरकार इन्हें अच्छी सुविधा, मानदेय, पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, घटना-दुर्घटना होने पर परिजनों को लगभग 35-40 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराती है। सीएम ने उम्मीद जताई कि सुविधाएं बोझ नहीं बननी चाहिए, बल्कि अपनी सेवा का बेहतर उपयोग समाज के लिए करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मगरमच्छ की चपेट में आने से बच्चे की मौत पर जताया दुख
सीएम ने बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, अग्निकांड, भवन के धराशायी होने संबंधी प्राकृतिक व भौतिक आपदा की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्य जीव द्वंद्व को भी आपदा की श्रेणी में रखकर राहत देने का कार्य किया। सीएम ने दो दिन पहले बहराइच में हुई घटना पर दुख जताया। कहा कि 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ ने निगल लिया। सभी लोग मगरमच्छ वाले संवेदनशील क्षेत्र के साथ ही यह भी जानते हैं कि वे पूरे जीवन में चार-पांच किमी. के दायरे में ही रहता है। ऐसे में जीव-जंतु से जबर्दस्ती खिलवाड़ न करें। सीएम ने दुख जताया कि ऐसी घटना के समय लोग वीडियो बनाते रहते हैं, लेकिन बचाव पर ध्यान नहीं देते।
एक ही घंटे में यूपी में हुई 111 मौत का दर्द भी झलका
मुख्यमंत्री के संबोधन में पिछले दिनों यूपी में एक ही एक घंटे में हुई 111 मौत का दर्द भी झलका। उन्होंने बताया कि फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, मीरजापुर, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर आदि जनपदों में कुल मिलाकर 111 लोगों की मौत हुई थी। प्राधिकरण की बैठक में चिंता व नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा था कि इन मौतों को न्यूनतम करने में सहायता की जा सकती है। उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया था। बैठक के ठीक तीसरे दिन एनडीआरएफ/एफडीआरएफ व राष्ट्रीय/राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने समन्वय से उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न तकनीकों को प्रभावी बनाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में तकनीक डे-वन डिजास्टर मैनेजमेंट को कैसे प्रभावी बनाने के लिए सेटेलाइट व रिमोट सेंसिंग मॉनीटरिंग, एआई पर आधारित रिस्क मैपिंग, प्रीडेक्टिव एनालिटिक्स आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, मोबाइल बेस्ड सिटीजन अलर्ट सिस्टम, जीआईएस आधारित डिसिजन मेकिंग एंड डिजिटल कंट्रोल रूम, ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का और अधिक इंटीग्रेट यूज बताया।
इस अवसर पर वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर, महापौर सुषमा खर्कवाल, सरोजिनी नगर क्षेत्र के विधायक राजेश्वर सिंह, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह