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सहरसा, 19 जुलाई (हि.स.)।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर जी ने सहरसा के स्थानीय देव रिशॉर्ट में आयोजित पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका संगोष्ठी में छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और संघ की भूमिका पर विशेष चर्चा की।उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाते हुए बताया कि जीवन के लिए जल और अन्न के साथ-साथ शुद्ध हवा यानि ऑक्सीजन बेहद जरूरी है।वैश्विक संक्रमण कोरोना महामारी के समय ऑक्सीजन की महत्ता सबों को ज्ञात है।इससे बचने के लिए आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए आह्वान किया।क्योंकि पेड़ पौधे से ही हमें आक्सीजन प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मे सदियों से तुलसी पीपल पाकड़ बरगद नीम की पूजा-पाठ की जाती है।इसके साथ ही वैवाहिक जीवन मे शुभ धार्मिक संस्कार में भी आम महुआ सहित अन्य वृक्षों की पूजा-पाठ किया जा है।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत प्रति वर्ष कम से कम 10 पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल भी अवश्य करे।उन्होंने छात्रों और युवाओं के बीच 'पंच परिवर्तन' का मुख्य मंत्र दिया। जिसमें पर्यावरण संरक्षण के अलावा कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी आत्मनिर्भरता और नागरिक बोध को जीवन में उतारने पर जोर दिया ।
उन्होंने युवाओं को अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराया और कहा कि जब हर नागरिक में 'राष्ट्र सर्वोपरि' का भाव जागृत होगा, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।इस समारोह में जिला संघ चालक सतीश चंद्र वर्मा, प्रांत सह प्रचारक प्रवींर जी, विभाग प्रचारक सुमित जी, मेजर डॉक्टर गौतम कुमार,ज्ञानू,आशीष टिंकू, रणधीर भगत,मनीष चौपाल विजय सिंह, रंजीत दास जी सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार