श्रीजगन्नाथ स्वामी काे अमनिया भोग का अर्पण एवं सत्यनारायण कथा का श्रवण 23 जुलाई तक रहेगा जारी
जगदलपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। बस्तर गोंचा महापर्व में गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में श्रीजगन्नाथ स्वामी के पुण्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रृद्धालू पंहुच रहे हैं । रियासत कालीन परंपरानुसार गुंडिचा मंदिर में भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी को अम
सत्यनारायण कथा का श्रृवण की फाेटाे


जगदलपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। बस्तर गोंचा महापर्व में गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में

श्रीजगन्नाथ स्वामी के पुण्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रृद्धालू पंहुच रहे हैं । रियासत कालीन परंपरानुसार गुंडिचा मंदिर में भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी को अमनिया भोग का अर्पण 360 घर

आरण्यक ब्राह्मण समाज के ब्राह्मणों द्वारा अर्पित किये जाने की परंपरा का निर्वहन 23 जुलाई तक अनवरत जारी रहेगा ।

आज

रविवार काे भी भगवान श्रीजगन्नाथ स्वामी को अमनिया भोग के अर्पण के बाद हजाराें श्रृद्धालुओं ने श्रीजगन्नाथ के भात का प्रसाद ग्रहण किया, वहीं राेजाना 70-80 परिवार

के लोगों के द्वारा गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में श्रीजगन्नाथ

स्वामी के समक्ष सत्यनारायण

कथा का श्रवण कर परंपरा का निर्वहन किया। आज रविवार काे सबसे अधिक 89 परिवार के लोगों ने सत्यनारायण कथा का श्रृवण किया।

360

घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ सदस्य विवेक पांडे ने बताया कि गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में श्रीजगन्नाथ स्वामी काे 23 जुलाई तक प्रतिदिन अमनिया भोग काअर्पण एवं सत्यनारायण कथा का श्रवण की रियासत कालीन परंपरा का निर्वहन किया जायेगा। उन्हाेंने बताया कि शताब्दियों पुरानी मान्यता अनुसार श्रीजगन्नाथ स्वामी, माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी के समक्ष गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में सत्यनारायण कथा के श्रृवण का सर्वाधिक पुण्य-लाभ प्राप्त होता है। इसके साथ

ही मुण्डन, अन्नप्राशन व अन्य विविध अनुष्ठान का निर्वहन भी

जारी है। गुंडिचा मंदिर-सिरहासार भवन में प्रतिदिन पूजा अर्चना के साथ ही रोजाना

संध्या 7.30 बजे महाआरती के उपरांत बस्तर गाेंचा महापर्व के मंच से तय कार्यक्रम के अनुसार भजन कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रतिदिन जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे