Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

काठमांडू, 19 जुलाई (हि.स.)। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव के बढ़ते खतरे को देखते हुए नेपाल सरकार ने मानसून से प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं व्यवस्थापन प्राधिकरण ने जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने देश के ३५ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्राधिकरण के कार्यवाहक प्रमुख कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार कोइराला ने बताया कि यह निर्णय विशेष रूप से भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले सड़क खंडों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा जोखिम को देखते हुए हमने भूस्खलन प्रभावित जिलों में वाहनों का संचालन नहीं करने का अनुरोध किया था। आज भी वास्तविक मौसम और सड़क की स्थिति का आकलन करने के बाद ही वाहनों को चलाने की अनुमति दी जाएगी।
कोइराला ने बताया कि प्राधिकरण सुरक्षा निकायों, स्थानीय प्रशासन और सड़क विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। राजमार्गों और अन्य सड़कों पर वाहन संचालन की अनुमति तभी दी जाएगी, जब संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित कर देंगे कि परिस्थितियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।प्राधिकरण ने आम नागरिकों से यात्रा से पहले मौसम और सड़क संबंधी आधिकारिक परामर्श का पालन करने, उच्च जोखिम वाले मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास