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कांकेर, 19 जुलाई (हि.स.)। जिले में ईसाई धर्म परिवर्तन कर चुके व्यक्ति के शव के दफन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाटकोंगेरा गांव के बाद अब ढेकुना गांव के ग्रामीणों ने भी शव दफनाए जाने का विरोध जताते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि, दफन किए गए शव को गांव की सीमा से हटाकर ईसाई समुदाय के निर्धारित कब्रिस्तान में स्थानांतरित किया जाए। इस मामले को लेकर ढेकुना गांव में आज रविवार काे ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि, यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, हाटकोंगेरा, ढेकुना और नारा गांव की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। हाल ही में हाटकोंगेरा के एक ईसाई धर्मांतरित व्यक्ति के निधन के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार तीनों गांवों की साझा सीमा के समीप दफनाकर किया था। इसके बाद से इस मुद्दे को लेकर तीनों गांवों में लगातार बैठकों और विरोध का सिलसिला जारी है। इससे पहले हाटकोंगेरा गांव में भी शव दफनाने को लेकर दो दिनों तक विवाद चला था।
ग्रामीणों ने सरपंच पर दफन की अनुमति देने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन भी दिया गया था। बाद में मामला कुछ शांत हुआ, लेकिन अब पड़ोसी ढेकुना गांव में इसे लेकर नया विरोध शुरू हो गया है। ढेकुना के ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सीमा में ईसाई धर्मांतरित का शव दफनाए जाने से विवाद की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि, शव को निकालकर उस स्थान पर दफनाया जाए, जहां ईसाई समुदाय का अधिकृत कब्रिस्तान स्थित है। जिले में हाल के दिनों में ईसाई धर्मांतरित व्यक्तियों के अंतिम संस्कार और शव दफन को लेकर कई गांवों में विवाद सामने आए हैं। लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों के अधिकारों तथा संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की चुनौती बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे