टीएमएच में एडवांस न्यूरोवैस्कुलर उपचार पर सीएमई और  हैंड्स -ऑन पर कार्यशाला आयाेजित
पूर्वी सिंहभूम, 19 जुलाई (हि.स.)। टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से एडवांस न्यूरोवैस्कुलर उपचार पर आधारित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम और हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन रविवार काे किया गया। “न्यूरोवैस्कुलर विकारों का
उद्घाटन टीएमएच की जनरल मैनेजर (मेडिकल सर्विसेज) डॉ. विनिता सिंह ने किया


पूर्वी सिंहभूम, 19 जुलाई (हि.स.)। टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से एडवांस न्यूरोवैस्कुलर उपचार पर आधारित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम और हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन रविवार काे किया गया। “न्यूरोवैस्कुलर विकारों का एंडोवस्कुलर प्रबंधन: एक व्यावहारिक दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों ने भाग लेकर आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशनल उपचार पद्धतियों और नई तकनीकों की जानकारी हासिल की।

कार्यक्रम का उद्घाटन टीएमएच की जनरल मैनेजर (मेडिकल सर्विसेज) डॉ. विनिता सिंह ने किया। इस अवसर पर चीफ ऑफ मेडिकल इनडोर सर्विसेज डॉ. अशोक सुंदर, चीफ ऑफ मेडिकल सपोर्ट सर्विसेज डॉ. ममता रथ दत्ता, न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. जीवेश मल्लिक सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों के प्रमुख, वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और स्वास्थ्य पेशेवर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नई दिल्ली के प्रख्यात न्यूरो-इंटरवेंशन विशेषज्ञ डॉ. पीयूष तोमर रहे। उन्होंने व्याख्यान और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को न्यूरोवैस्कुलर रोगों के एंडोवस्कुलर उपचार में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने इंट्राक्रैनियल एन्यूरिज्म, एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक, आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन (एवीएम) तथा ड्यूरल एवं स्पाइनल आर्टेरियोवेनस फिस्टुला (एवीएफ) जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में एंडोवस्कुलर इंटरवेंशन की बढ़ती उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।

साथ ही समय पर पहचान, शीघ्र रेफरल, बहु-विषयक समन्वय और साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धति को बेहतर परिणामों के लिए आवश्यक बताया गया।

हैंड्स-ऑन कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को एंडोवस्कुलर प्रक्रियाओं में प्रयुक्त उपकरणों, कैथेटर और गाइडवायर के संचालन, प्रक्रिया की योजना बनाने तथा सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण से चिकित्सकों को आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशनल तकनीकों की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में 70 से अधिक चिकित्सकों ने सीएमई सत्र में भाग लिया, जबकि व्यावहारिक कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञताओं के 40 डॉक्टर शामिल हुए। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से टीएमएच चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और भविष्य में एडवांस एंडोवस्कुलर न्यूरो-इंटरवेंशनल सेवाओं की शुरुआत की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक