Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

पूर्वी सिंहभूम, 19 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने पूर्वी सिंहभूम के पटमदा में 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने और रास्ते में टायर फटने के दौरान मरीज की मौत की घटना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई है।
रविवार को जारी बयान में दुलाल भुईयां ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आपातकालीन सेवा में भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिस 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन, जीवनरक्षक उपकरण और बेहतर रखरखाव होना चाहिए, उसी एंबुलेंस में ऑक्सीजन का अभाव और रास्ते में टायर फट जाना बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पूरी तरह असफल साबित हुई है। यदि मरीज को समय पर ऑक्सीजन और इलाज मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में 25 में से 11 एंबुलेंस का लंबे समय से खराब रहना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सभी खराब एंबुलेंस को तत्काल चालू कराने, प्रत्येक 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराने तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
क्या है पूरा मामला
शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड के जोड़सा गांव निवासी 65 वर्षीय संतोष कुंभकार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने पर 108 एंबुलेंस से माचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी। इसी दौरान रास्ते में एंबुलेंस का टायर भी फट गया, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हुई और इलाज मिलने से पहले ही संतोष कुंभकार की मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने माचा सीएचसी में हंगामा करते हुए स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक