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पश्चिमी सिंहभूम, 19 जुलाई (हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में रविवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत आयोजित गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 200 से अधिक बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय संबंधी जांच की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची के हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, चिकित्सक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में हृदय रोग या किसी अन्य गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क करें और उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की विस्तृत हृदय जांच की। जांच के दौरान जिन बच्चों में जन्मजात अथवा अन्य गंभीर हृदय रोग की पुष्टि या आशंका पाई गई, उन्हें आगे की विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए चिन्हित किया गया। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे बच्चों का निःशुल्क हृदय ऑपरेशन भी कराया जाएगा। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता हॉस्पिटल के संयुक्त सहयोग से उपलब्ध कराई जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ संस्थानों में रेफर किया जाता है। उन्होंने बताया कि गिफ्ट ऑफ लाइफ अभियान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को समय पर उच्च स्तरीय और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी बच्चे का जीवन केवल आर्थिक अभाव के कारण खतरे में न पड़े।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों में हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों, समय पर जांच की आवश्यकता तथा उपचार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। जिला स्वास्थ्य समिति ने लोगों से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपलब्ध निःशुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक