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सीएससी के 17 वें स्थापना दिवस समारोह में मिला सम्मान, तकनीक आधारित कृषि सेवाओं के लिए देशभर में सराहा गया नवाचार
धमतरी, 19 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में विकसित पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) आधारित ड्रोन कृषि सेवा मॉडल ने राष्ट्रीयस्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। कोलकाता में आयोजित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के इस अभिनव मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं के प्रभावी विस्तार और किसानों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में सराहा गया।
कार्यक्रम के तहत बेहतर कृषि सेवाओं की उपलब्धता के लिए पैक्स का सशक्तिकरण विषय पर आयोजित कृषि पैनल चर्चा में जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा (आईएएस) ने धमतरी के इस माडल और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। चर्चा में सहकारिता, कृषि, ड्रोन तकनीक और एग्री-बिजनेस से जुड़े देश के कई विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए धमतरी माडल की सराहना की। जिले की पैक्स समितियों को केवल सहकारी संस्थाओं तक सीमित न रखकर उन्हें ग्रामीण वन-स्टाॅप एग्रीकल्चर सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां किसानों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाएं और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले की 10 पैक्स समितियों के माध्यम से वर्तमान में ड्रोन तकनीक से तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं समान वितरण सुनिश्चित हो रहा है।
जिपं सीईओ ने कहा कि इससे खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ेगा, लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। आगामी चरण में पैक्स समितियों के माध्यम से कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, डिजिटल सेवाएं, बैंकिंग एवं वित्तीय सुविधाएं, कृषि परामर्श तथा विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा, जिससे किसानों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और गांव स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध होंगी। पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने आधुनिक कृषि प्रणाली, ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक सेवाएं पहुंचाने तथा सहकारिता संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ जल, उर्वरक और श्रम के कुशल उपयोग को बढ़ावा देकर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती का मार्ग प्रशस्त कर रही है। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) को सम्मानित भी किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह धमतरी जिले ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा शुरू की थी। इसके साथ ही धमतरी देश का पहला जिला बना, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोहरसी समिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने उर्वरक एवं कीटनाशकों के सटीक छिड़काव का प्रदर्शन किया, जिससे समय की बचत, लागत में कमी और बेहतर कृषि प्रबंधन की उपयोगिता सामने आई। जिले की बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंडेल, गाड़ाडीह, जुगदेही और करेली समितियों के माध्यम से किसानों को आवश्यकता अनुसार ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य और केंद्र सरकार कृषि आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा