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-क्रिसिल-नीति आयोग के संयुक्त आकलन में छत्तीसगढ़ को 47.5 अंक
रायपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निवेशक-हितैषी नीतियों, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों का असर राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। क्रिसिल-नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (आईएफआई)-2026 में छत्तीसगढ़ ने नियमों में आसानी (रेग्युलेटरी ईज) और संस्थागत माहौल (इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट) जैसे निवेश के दो प्रमुख मानकों में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। पर्यावरणीय लचीलेपन (एनवायरनमेंट रेजिलिएंस) के मामले में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई है कि क्रिसिल और नीति आयोग के संयुक्त आकलन में छत्तीसगढ़ को कुल 47.5 अंक प्राप्त हुए हैं। समग्र रैंकिंग में राज्य 17 बड़े राज्यों में नौवें स्थान पर है, लेकिन निवेशकों के भरोसे से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मानकों में उसका प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ रहा है।राज्य में निवेशकों का बढ़ता विश्वास इस बात से भी स्पष्ट होता है कि पिछले 18 महीनों में लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के उद्योगों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
आईएफआई-2026 के अनुसार नियमों में आसानी के मानक पर छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं, जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों से अधिक हैं। उद्योगों को मंजूरी, एनओसी, निर्माण अनुमति, बिजली और पानी के कनेक्शन जैसी प्रक्रियाओं में तेजी तथा कम अनुपालन लागत को इसकी प्रमुख वजह माना गया है।
संस्थागत माहौल के मानक में राज्य को छह में से 4.5 अंक प्राप्त हुए हैं। शासन की गुणवत्ता, नीतिगत स्थिरता, शिकायतों के त्वरित समाधान और श्रमिक विवादों के प्रभावी निपटारे जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन ने छत्तीसगढ़ को इस श्रेणी में शीर्ष स्थान दिलाया है।
पर्यावरणीय लचीलेपन के मामले में राज्य को पांच में से चार अंक प्राप्त हुए हैं और इस श्रेणी में केवल तमिलनाडु उससे आगे है। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की बेहतर तैयारी और सुरक्षित औद्योगिक वातावरण को इसकी प्रमुख विशेषता माना गया है।
संसाधनों की उपलब्धता के मामले में छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। राज्य देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादक है। वहीं वित्तीय स्वास्थ्य के मानक में उसे सात में से 5.4 अंक मिले हैं। राज्य के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में उद्योग क्षेत्र की 52.8 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था का संकेत देती है।
राज्य में उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर भरोसेमंद बिजली उपलब्ध होने के साथ महिलाओं की कार्यबल में 58.1 प्रतिशत भागीदारी भी बड़े राज्यों के औसत से काफी अधिक है। कारोबार बंद करने की प्रक्रिया में होने वाला कानूनी खर्च भी देश में सबसे कम लागत वाले राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30, जन विश्वास अधिनियम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 जैसे सुधार लागू कर निवेश प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया है। नवा रायपुर में देश के पहले एआई डेटा सेंटर पार्क का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिससे राज्य डिजिटल अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों का नया केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल