काम-क्रोध मनुष्य के प्रबल शत्रु, योग और यज्ञ से ही संभव है आत्मसंयम-स्वामी राम स्वरूप जी
कठुआ, 08 जून (हि.स.)। वेद मन्दिर योल में आयोजित 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 58वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी योगाचार्य ने श्रद्धालुओं को अथर्ववेद मन्त्र 7/77/1,2 के आधार पर जीवनोपयोगी उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि काम और क्रोध मनुष्य के सब

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