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चूरू, 05 जून (हि.स.)। जिले के बीदासर में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। समाज के लोगों ने गाय के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी अमीलाल यादव को सौंपे ज्ञापन में कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाएं गौमाता से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन, कृषि कार्य, जैविक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में भी गाय की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय समाज में गौमाता को सम्मान और आदर की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने से उसके संरक्षण, संवर्धन और देखभाल को नई दिशा मिलेगी। साथ ही यह निर्णय सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करने वाला साबित होगा।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करना देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करने वाला कदम होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
इस दौरान अफजल हुसैन सलामपुरिया, शहर काजी हाफिज शरीफ, हाफिज रमजान, हाफिज मुस्लिम, एडवोकेट इरफान सोलंकी, इमरान भुट्टा, सोहेल सोलंकी, सलमान भुट्टा, समीर भुट्टा, रियांश सोलंकी, इमरान तथा जमीर सहित मुस्लिम समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपने के बाद समाज के लोगों ने गौ संरक्षण और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील भी की।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित