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जम्मू, 5 जून (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को जम्मू में एक क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के शुभारंभ के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पुनर्गठन की घोषणा की और कहा कि यह कदम देश की मौसम पूर्वानुमान एजेंसी के 151 साल के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
सिंह ने कहा कि दिल्ली क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के कार्यभार को विकेंद्रीकृत करने और पूरे उत्तर भारत में मौसम पूर्वानुमान, पूर्व चेतावनी प्रसार और आपदा तैयारियों में सुधार करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने 151 साल पूरे कर लिए हैं। इस लंबी यात्रा में जम्मू, दिल्ली और लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र स्थापित करके दिल्ली को तीन भागों में विभाजित करने के साथ आज एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जिसे क्षेत्रीय केंद्र में अपग्रेड किया गया है, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की मौसम सेवा आवश्यकताओं को पूरा करेगा जिसमें पर्वतीय मौसम विज्ञान, बर्फ की भविष्यवाणी और उच्च ऊंचाई वाली मौसम सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि पहले की व्यवस्था में पूरे उत्तरी क्षेत्र को दिल्ली केंद्र के अधीन रखा गया था जिससे मौसम संबंधी सेवाओं के बेहतर रखरखाव और कुशल कामकाज के लिए विकेंद्रीकरण आवश्यक हो गया था।
नई संरचना के तहत जम्मू आरएमसी जम्मू और कश्मीर लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को सेवा प्रदान करेगा जबकि दिल्ली केंद्र दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जरूरतों को पूरा करेगा का उद्घाटन 8 जून को होने वाला है। मौसम पूर्वानुमान को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेहतर आपदा प्रबंधन जीवन और संपत्ति के नुकसान को काफी कम कर सकता है। मोदी सरकार के तहत मौसम संबंधी बुनियादी ढांचे के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा कि जब 2014 में सरकार ने सत्ता संभाली थी तब देश में केवल 17 मौसम रडार थे। पिछले 12 वर्षों में 30 और रडार स्थापित किए गए हैं जिससे कुल संख्या लगभग 50 हो गई है जबकि मिशन मौसम के तहत अन्य 50 रडार की योजना बनाई गई है। मंत्री ने पूर्वानुमान में तकनीकी प्रगति पर भी प्रकाश डाला और कहा कि नाउकास्ट सेवा अब तीन घंटे पहले तक अत्यधिक सटीक पूर्वानुमान प्रदान करती है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाल ही में लॉन्च किया गया स्काईकास्ट सिस्टम कोहरे से संबंधित उड़ान व्यवधानों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है ।
पिछले दशक के दौरान जम्मू-कश्मीर के विकास का जिक्र करते हुए सिंह ने कई परियोजनाओं का हवाला दिया जिसमें शाहपुर कंडी परियोजना का पूरा होना और जम्मू क्षेत्र में आईआईटी, आईआईएम, एम्स, आईआईएमसी और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की स्थापना शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता