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गुवाहाटी, 05 जून (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश सशक्त रूप से प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुवाहाटी विश्वविद्यालय तथा स्नातकोत्तर छात्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।
स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा अन्य कार्यक्रमों में भाग लेते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ननी गोपाल महंत ने पर्यावरण संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “पर्यावरण संरक्षण आज के समय की एक नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। शैक्षणिक संस्थान केवल ज्ञानार्जन के केंद्र नहीं हैं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण का भी सशक्त मंच हैं। प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित पृथ्वी छोड़ सकते हैं। गुवाहाटी विश्वविद्यालय सदैव प्रकृति संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।”
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि, “पर्यावरण संरक्षण का विचार केवल नीतियों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हमारे दैनिक व्यवहार और सामाजिक आदतों का हिस्सा बनना होगा। विश्वविद्यालय की ऐसी पहल विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, सहभागिता और सकारात्मक परिवर्तन की भावना विकसित करती है।”
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के एसटी राडार सेंटर तथा हिंदी एलपी स्कूल में भी स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण दिवस के महत्व को दर्शाते हुए विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया। कार्यक्रमों में छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रंजन कुमार काकती, कुलपति के सचिव एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मृणाल ज्योति डेका, उप छात्र कल्याण निदेशक डॉ. कुलदीप पाटगिरि, विभिन्न विभागों के अध्यापक तथा स्नातकोत्तर छात्र संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर