न्यायालय के आलोक में बेटी का अधिकार
-डॉ. निवेदिता शर्मा भारतीय न्यायपालिका ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि न्याय हमेशा समाज की बदलती वास्तविकताओं को स्वीकार करते हुए समानता, गरिमा और मानवीय अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम है। उच्चतम न्यायालय द्वारा दिया गया हालिया निर्णय, जिसम

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