Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जोधपुर, 11 जून (हि.स.)। राजस्थान की सियासत में इन दिनों कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। वहीं दूसरी ओर हनुमान बेनीवाल के समर्थन के बाद अब निर्दलीय शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी मंत्री किरोड़ी लाल के समर्थन में आ गए हैं।
जोधपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से जुड़े सवाल पर खुलकर उनके समर्थन में नजर आए। उन्होंने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा बड़े नेता हैं और संघर्ष की भट्टी से निकलकर यहां तक पहुंचे हैं।
भाटी ने कहा कि आज जो हो रहा है, वह सबको पता है। मजबूत नेताओं के लिए ऐसी परिस्थितियां कोई बड़ी बात नहीं होती। उन्होंने कहा कि राजनीति में साजिश और षड्यंत्र जैसी बातें होती रहती हैं और जल्द ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। भाटी ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय आमजन, वंचितों और मजदूरों की आवाज उठाने वालों में किरोड़ी लाल मीणा प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्होंने कई बार शहीद स्मारक पर धरना देकर जनहित के मुद्दे उठाए।
विकास और जनसमस्याओं पर दिया जोर
राजनीतिक बयानबाजी से इतर भाटी ने प्रदेश के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि नेताओं को आपसी खींचतान के बजाय प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भाटी ने भीषण गर्मी में पानी की किल्लत, बिजली की लचर व्यवस्था और अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि इन जरूरी मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात को लेकर भाटी ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से सीखना हर युवा नेता के लिए जरूरी है। वहीं गहलोत और पायलट गुट की आपसी तनातनी पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि घर में बर्तन तो बजते ही रहते हैं यह उनका निजी मामला है। अंत में उन्होंने दोहराया कि भविष्य में वह वही निर्णय लेंगे जो जनता का आदेश होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश