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इटानगर, 11 जून (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के सांसद तापिर गाओ ने आज इटानगर में अरुणाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम (अफरा), 1978 असल में अलग-अलग धर्मों वाले लोगो को कानूनी मान्यता या प्रमाणिकता देने के बारे में है।
अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच अफरा, 1978 के ड्राफ्ट नियमों को लेकर काफी भ्रम और अफवाहें जुड़ी हुई हैं। अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम (एसीएफ) इन ड्राफ्ट नियमों का विरोध कर रहा है और दावा कर रहा है कि यह कानून राज्य के ईसाई समुदाय के खिलाफ है। हालांकि, सांसद तापिर गाओ ने लोगों का भ्रम दूर करते हुए कहा कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह राज्य के सभी धर्मों की सुरक्षा करेगा और उन्हें प्रमाणिकता देगा।
यह एक सामान्य कानून है जो देश के लगभग 15 राज्यों में पहले से ही लागू है। इस कानून में किसी खास धर्म की सुरक्षा या किसी खास धर्म के खिलाफ कोई प्रावधान नहीं है।
इस बीच, अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम ने हाल ही में 18 जून को इटानगर में एक बड़ी वाहन रैली की घोषणा की है। उन्होंने देश भर के ईसाइयों से अपील की है कि वे कानून के ड्राफ्ट नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी