Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

सीकर, 31 मई (हि.स.)। जिले में शनिवार को सांड के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में एएनएम सहित दो लोगों की मौत हो गई। एक घटना में सांड ने पीछे से हमला कर महिला स्वास्थ्यकर्मी को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जबकि दूसरी घटना में युवक के सीने से सांड का सींग आर-पार हो गया। दोनों घायलों की इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
पहला हादसा नेछवा थाना क्षेत्र के झाझड़ गांव में शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुआ। हादसे में एएनएम मधु जांगिड़ (28) पत्नी अमित जांगिड़ निवासी दीपपुरा चारणान की मौत हो गई। मधु गुमानपुरा के उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार मधु किसी काम से नेछवा कस्बे गई थीं। वहां से वह अपने पीहर झाझड़ गांव पहुंची थीं। गांव में सांडशाला के पास कुछ सांड घूम रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक सांड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हादसे के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए नेछवा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत में सीकर रेफर किया गया। सीकर में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मधु का आठ महीने का बेटा है, जबकि उनके पति विदेश में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वे भी सीकर पहुंच गए। दूसरी घटना शनिवार शाम करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच रानोली कस्बे में हुई। बाणियों की ढाणी निवासी मुकेश वर्मा (35) मजदूरी कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान स्टेशन रोड स्थित हनुमान कॉलोनी के पास दो सांड आपस में लड़ रहे थे। अचानक एक सांड ने मुकेश पर हमला कर दिया। हमले में सांड का सींग उनके सीने से आर-पार हो गया।
गंभीर रूप से घायल मुकेश को पहले रानोली अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें सीकर रेफर किया गया। सीकर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मुकेश के चचेरे भाई महावीर प्रसाद ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और मुकेश मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वहीं ग्रामीण मदनलाल ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों से आवारा पशु रानोली में आ जाते हैं, जो आए दिन लोगों और वाहनों पर हमला करते रहते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहला मामला नहीं है। गांव और शहरों में बड़ी संख्या में आवारा पशु खुले घूमते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों ने आवारा पशुओं को पकड़ने और स्थायी समाधान की मांग की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित