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जयपुर, 31 मई (हि.स.)। शिक्षा और उद्योग के बीच बढ़ते स्किल गैप,प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की आवश्यकता, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में रविवार राइट कोड सोसायटी द्वारा आयोजित राजस्थान एआई समिट 2026 का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से आए शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग प्रतिनिधियों और युवाओं ने भाग लिया। इस समिट में भारत को एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने के विजन पर व्यापक चर्चा हुई। राइट कोड सोसायटी के गौरव शर्मा और आयोजन मेंटर, डॉ. आशुतोष पंत ने बताया कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है, जिसे सही कौशल और अवसर प्रदान कर एआई क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जा सकता है। डीफेन्स रोबोट्स की एक प्रदर्शनी भी आयोजित भी की गयी।
जिसमें कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष, आदित्य नाग समिट में ए आई एवं आई टी विशेषज्ञों में एनआईएक्सआई के सीईओ डॉ. देवेश त्यागी, चीफ एडवाइजर स्ट्रैटिजिक अफेयर्स, डॉ. निशाकांत ओझा फॉर्मर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, आईओसीएल (सीएसआर) डॉ. आशुतोष पंत, एसोसिएट प्रोफेसर एवं पूर्व चेयरमैन, एआई और रोबोटिक्स सेंटर, आईआईटी मंडी, प्रो. डॉ. अमित शुक्ला ऑस्कर विजेता हॉलीवुड एडिटर, डॉ. अनुराधा सिंह और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एआई -एमएल, आईओसीएल, मनीष मलिक ने हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि, रोबोटिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में एआई की बढ़ती भूमिका और उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “भारत भाग्य विधाता” (बीबीवी) पहल रही। इस पहल के तहत युवाओं को एआई-एमएल से जुड़े 1000 से अधिक कोर्स, वर्कशॉप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर और रोजगारोन्मुख संसाधन उपलब्ध कराने की योजना साझा की गई। समिट में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहलें राजस्थान को देश के उभरते एआई और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश