‘मन की बात’ समाज को नई दिशा देने वाला अभियान : मदन राठौड़
जयपुर, 31 मई (हि.स.)। ‘मन की बात’ समाज को नई दिशा देने वाला अभियान : मदन राठौड़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रत्येक संस्करण देशवासियों को प्रेरणा, ज्ञान और सकारात्मक सोच का
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जयपुर, 31 मई (हि.स.)। ‘मन की बात’ समाज को नई दिशा देने वाला अभियान : मदन राठौड़

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रत्येक संस्करण देशवासियों को प्रेरणा, ज्ञान और सकारात्मक सोच का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार समाज को नई दिशा देने वाले हैं तथा जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण का सामूहिक श्रवण करने के बाद मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की प्रतिभाओं, नवाचार, युवा शक्ति, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा जनसहभागिता से होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दौड़ प्रतियोगिता में 10.1 सैकेंड का रिकॉर्ड बनाने वाले प्रतिभाशाली युवाओं की चर्चा कर प्रधानमंत्री ने देश की उभरती प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया है।

राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के दौर में शरबत और पारंपरिक पेय पदार्थों के महत्व, पेयजल संरक्षण, जल संचयन, जल संकट के समाधान, नदियों की स्वच्छता, तैराकी सीखने तथा दिव्यांगजनों को तैराकी से जोड़ने जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण संदेश दिए।

उन्होंने कहा कि आम सहित भारतीय फलों और स्थानीय उत्पादों के महत्व का उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को और मजबूत किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देने वाला जनअभियान है। इससे देशभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों की जानकारी मिलती है और जनसेवा के लिए नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से यदि अन्य लोग भी प्रेरणा लेते हैं तो यह लोकतंत्र और समाज के लिए स्वागतयोग्य बात है।

राजनीति में मर्यादित भाषा और स्वस्थ संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए राठौड़ ने कहा कि शब्दों की गरिमा लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है।

विपक्ष का दायित्व सरकार का विरोध करना है और अपनी बात मजबूती से रखना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन शब्दों का चयन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा की शालीनता और संवाद की संस्कृति बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता सशक्त विपक्ष और स्वस्थ राजनीतिक विमर्श में निहित है। विचारों का मतभेद लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन व्यक्तिगत कटुता और अमर्यादित शब्दावली लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है। इसलिए राजनीतिक जीवन में संयमित भाषा, शिष्टाचार और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय में जवाहर सिंह बेढ़म, राजेन्द्र राठौड़, भूपेन्द्र सैनी, मंजू शर्मा सहित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों के अध्यक्ष, संयोजक तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित