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जयपुर, 31 मई (हि.स.)। मानसून पूर्व मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आगामी जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पूरे माह जिलेभर में मच्छरों की रोकथाम एवं जन जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वल एवं एंटी एडल्ट गतिविधियों के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जून माह में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर रोकथाम गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटीलार्वल गतिविधियां तथा वयस्क मच्छरों के नियंत्रण के लिए एंटी-एडल्ट उपाय किए जाएंगे। सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से आमजन को मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डॉ. शेखावत ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 16 जून से 30 जून तक हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान मच्छरों के जैविक नियंत्रण के लिए गम्बूशिया मछलियों को स्थायी जलाशयों एवं अन्य परमानेंट वाटर बॉडीज में छोड़ा जाएगा। गम्बूशिया मछली मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करती है, जिससे मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सामुदायिक स्तर पर आमुखीकरण कार्यक्रम, जनसंवाद, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं एवं अन्य जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही अभियान की नियमित मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मलेरिया एवं अन्य मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश