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जयपुर, 31 मई (हि.स.)। जयपुर के अधिवक्ता रणजीत राजपूत ने लगातार 12 महीनों तक 12 बार संपूर्ण रक्तदान कर अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रणजीत राजपूत ने बताया कि उन्हें रक्तदान की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। उनकी माता कैंसर से पीड़ित थीं, जबकि उनके पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। रक्तदान जीवनदान के समान है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।
उनकी इस उपलब्धि ने मेडिकल जगत का भी ध्यान आकर्षित किया है। जानकारी के अनुसार अमेरिका और यूरोप की कुछ मेडिकल रिसर्च एवं फार्मा कंपनियां उनके स्वास्थ्य और रक्त संबंधी पहलुओं पर अध्ययन करने में रुचि दिखा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार 12 माह तक रक्तदान के बाद भी शरीर में हीमोग्लोबिन का संतुलन बनाए रखना असाधारण बात है।
विशुद्ध शाकाहारी जीवनशैली अपनाने वाले रणजीत ने बताया कि उन्होंने कभी अंडे का सेवन भी नहीं किया। वे युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा शराब, तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने का संदेश देते हैं। रणजीत का यह कार्य जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रेरणा और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश