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कठुआ, 29 मई (हि.स.)। इंडस्ट्रियल बायोटेक पार्क कठुआ में मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन एवं विदेशी फसल खेती पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
यह कार्यक्रम रैप्चर बायोटेक जम्मू-कश्मीर द्वारा जम्मू-कश्मीर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग जम्मू-कश्मीर के सहयोग से 25 से 29 मई 2026 तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, सतत कृषि पद्धतियों और उच्च मूल्य वाली विदेशी सब्जियों की खेती के बारे में प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आयुक्त सचिव बबिला रकवाल ने किया। उन्होंने वैज्ञानिक आधारित कृषि, मिट्टी संरक्षण और तकनीक के उपयोग को ग्रामीण समृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक बताया और इस पहल की सराहना की। प्रशिक्षण के दौरान कठुआ जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने तकनीकी सत्रों, प्रयोगात्मक प्रदर्शन, लैब विजिट और विशेषज्ञों के साथ संवाद में भाग लिया। किसानों को मिट्टी परीक्षण, उर्वरता प्रबंधन, जैविक खेती और विदेशी सब्जियों की खेती के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया गया।
समापन समारोह में रैप्चर बायोटेक की निदेशक अंबिका सलाथिया ने किसानों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए वैज्ञानिक खेती अपनाने और मिट्टी स्वास्थ्य सुधार पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, सॉयल हेल्थ कार्ड, 5 किलोग्राम जैविक खाद तथा विदेशी सब्जियों के बीज वितरित किए गए, ताकि वे खेत स्तर पर इन तकनीकों का उपयोग कर सकें। किसानों ने इस उपयोगी प्रशिक्षण के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान को लाभकारी बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह पहल किसानों को सशक्त बनाने, सतत कृषि को बढ़ावा देने और आय के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया