दिल्ली जनजातीय सम्मेलनः अस्मिता, अधिकार का आधुनिक उलगुलान
-डॉ. प्रवीण दाताराम गुगनानी
भील और भारिया की दो कहावतें हैं- भील कहते हैं, होने नी रेत, ने खोने नो डर” और भारिया कहते हैं डोकरी मरिगे त कए घलो, बाकी राकस घर नई देखे। इन दो जनजातीय कहावतों में लालकिला से जनजातीय संदेश का सार छिपा है। भील कहावत
Invalid email address
संपर्क करें
हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001