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उदयपुर, 26 मई (हि.स.) । स्वायत्त शासन विभाग द्वारा होटल एवं रेस्टोरेंट लाइसेंस फीस में की गई भारी वृद्धि का उदयपुर के होटल व्यवसायियों ने तीखा विरोध जताया है। होटल एसोसिएशन उदयपुर ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को पत्र भेजकर फीस वृद्धि पर पुनर्विचार करने और छोटे होटल व्यवसायियों को राहत देने की मांग की है।
होटल एसोसिएशन उदयपुर अध्यक्ष सुदर्शन देव सिंह कारोही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव उषा शर्मा, कोषाध्यक्ष जोय सुवालका सहित अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत लागू की गई नई व्यवस्था छोटे और मध्यम श्रेणी के होटल संचालकों के लिए गंभीर आर्थिक बोझ साबित होगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में होटल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 10 कमरों तक 5 हजार रुपए, 10 से 20 कमरों तक 10 हजार रुपये तथा 20 कमरों से अधिक के लिए 15 हजार रुपये फीस निर्धारित थी।
नए आदेश के तहत अब 50 कमरों तक के सभी होटलों के लिए एक समान 25 हजार रुपये वार्षिक फीस तय कर दी गई है, जिसे एसोसिएशन ने पूरी तरह अन्यायपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि 8 से 25 कमरों वाले छोटे होटल बड़े होटलों की तुलना में सीमित आय पर संचालित होते हैं, ऐसे में सभी को एक ही श्रेणी में रखना व्यावहारिक नहीं है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बैठक बुलाई और इस नए संकट को गंभीर बताते हुए मंथन किया। बैठक के बाद एसोसिएशन ने मांग की है कि 50 कमरों तक के होटलों के लिए अलग-अलग स्लैब निर्धारित किए जाएं तथा रेस्टोरेंट लाइसेंस फीस में की गई अप्रत्याशित वृद्धि भी वापस ली जाए। साथ ही जिन होटलों को पूर्व में निकाय द्वारा लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, उनके लाइसेंस बिना अतिरिक्त शर्तों के नवीनीकृत किए जाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता