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नई दिल्ली/अगरतला, 26 मई (हि.स)। वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने मंगलवार को कहा कि देश के सार्वजनिक और निजी दोनों ही क्षेत्रों के बैंक सालाना 15.90 फीसदी की वृद्धि के साथ ‘बहुत अच्छा’ प्रदर्शन कर रहे हैं।
नागराजू ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमारे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक 15.90 फीसदी की वृद्धि दर के साथ बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है। डीएफएस सचिव ने कहा कि देशभर में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) भी घटकर 0.40 फीसदी रह गई हैं, जो पिछले आंकड़ों की तुलना में कम है।’’’
डीएफएस सचिव एम. नागराजू ने पूर्वोत्तर राज्य में दो कार्यक्रमों में भाग लिया, जहां 8 हजार लाभार्थियों के लिए 604 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि बैंकों के पास अब मजबूत पूंजी आधार है, जबकि कम एनपीए बैंकों की मजबूती के पीछे एक प्रमुख कारण है।
नागराजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए लघु एवं मझोले उद्यमों को समर्थन देने के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार गारंटी कार्यक्रम शुरू किया है। वित्तीय समावेशी उपायों का जिक्र करते हुए नागराजू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय समावेश योजना (जन धन योजना) के तहत 12 वर्षों में कुल 58 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें से 32 करोड़ खाते महिलाओं के हैं।’’ नागराजू ने कहा कि इसी अवधि में प्रमुख मुद्रा योजना के तहत 56 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 फीसदी महिलाओं को मिले हैं। उन्होंने लोगों से उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण लेने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि वे अधिक ऋण सुविधाओं के लिए पात्र हो सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर