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कठुआ, 25 मई (हि.स.)। जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस महीने आए बिजली बिलों ने आम लोगों खासकर गरीब तबके की कमर तोड़ दी है। लोगों का आरोप है कि एमनेस्टी स्कीम के तहत माफ की गई बकाया राशि को फिर से नए बिलों में जोड़ दिया गया है जिससे हजारों रुपये के बिल थमाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने पहले ही अपने बकाया बिल जमा कर दिए थे, इसके बावजूद पुरानी राशि दोबारा बिल में शामिल कर दी गई। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
कठुआ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवारों जिनके पास मात्र एक कमरा है, उनके भी बिजली बिल हजारों में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनकी खपत इतनी नहीं है फिर भी बिल असामान्य रूप से अधिक भेजे जा रहे हैं।
वहीं जब उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। अधिकारियों के पास भी इस गड़बड़ी का स्पष्ट कारण नहीं है जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उम्मीद थी कि बिलिंग प्रणाली पारदर्शी होगी और जितनी खपत होगी उतना ही बिल आएगा। लेकिन अब हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं के बिल लाखों तक पहुंचने के मामले भी सामने आ रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर सरकार की एमनेस्टी योजना जिसमें ब्याज माफ किया गया था, उसका लाभ भी सही तरीके से नहीं मिल पाया। बल्कि माफ की गई राशि को दोबारा जोड़ने से लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। साथ ही 200 यूनिट मुफ्त बिजली के दावे पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि मुफ्त बिजली तो दूर उन्हें भारी-भरकम बिलों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती हो रही है, वहीं दूसरी ओर भारी बिलों ने लोगों को परेशान कर रखा है। लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और गलत बिलों को तुरंत ठीक किया जाए। कठुआ वासियों ने सरकार से मांग की है कि इस बिलिंग गड़बड़ी को जल्द से जल्द ठीक किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो उनका गुस्सा और बढ़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया