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जयपुर, 25 मई (हि.स.)। राजधानी जयपुर में स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में चल रही अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने शहरभर के स्पा सेंटरों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश सोमवार 25 मई से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जो 23 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। राजधानी में कई स्थानों पर स्पा सेंटरों की आड़ में अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए पुलिस ने शहरभर में स्पा और मसाज सेंटरों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन लागू की है।
इस नए आदेश के तहत अब किसी भी स्पा सेंटर में बंद दरवाजों के पीछे मसाज सेवा नहीं दी जा सकेगी। थेरेपी रूम के दरवाजों पर अंदर से कुंडी, सिटकनी या बोल्ट लगाने पर रोक रहेगी। केवल सेल्फ-क्लोजिंग दरवाजे ही मान्य होंगे। साथ ही हर कमरे के दरवाजे पर पारदर्शी कांच लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि बाहर से अंदर की गतिविधियां देखी जा सकें। पुलिस ने पुरुष और महिला स्पा सेंटरों के लिए अलग-अलग खंड और अलग प्रवेश द्वार अनिवार्य कर दिए हैं। दोनों हिस्सों के बीच किसी भी प्रकार का आंतरिक संपर्क नहीं होगा। इसके अलावा क्रॉस-मसाज पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यानी पुरुष ग्राहकों को केवल पुरुष थेरेपिस्ट और महिला ग्राहकों को केवल महिला थेरेपिस्ट ही सेवाएं दे सकेंगे। इसके अलावा स्पा सेंटरों में रिसेप्शन, एंट्री-एग्जिट और कॉमन एरिया में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। रिकॉर्डिंग का कम से कम 30 दिन का बैकअप सुरक्षित रखना होगा।
इसके साथ ही प्रत्येक ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार या पहचान पत्र और आने-जाने का समय रजिस्टर में दर्ज करना जरूरी होगा। बिना पहचान दर्ज किए किसी को प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। साथ ही जयपुर में अब कोई भी स्पा या मसाज सेंटर सुबह 9 बजे से पहले और रात 9 बजे के बाद संचालित नहीं किया जा सकेगा। सभी कर्मचारियों और थेरेपिस्ट का स्थानीय पुलिस से चरित्र सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा। विदेशी कर्मचारियों के लिए वैध वीजा और वर्क परमिट की जांच भी की जाएगी।
पुलिस ने सोशल मीडिया, वेबसाइट और पंपलेट्स पर अश्लील, आपत्तिजनक या भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने पर भी रोक लगा दी है।
स्पा सेंटरों को नगर निगम, जेडीए या संबंधित प्राधिकरण से वैध लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार ने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वाले संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। आदेश की पालना सुनिश्चित कराने के लिए सभी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, एसीपी और थाना प्रभारियों को निरीक्षण और औचक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम को भी लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश