Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

इटानगर, 25 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चल
रहे गुमिन मिजे मामले के संबंध में असम सरकार से संपर्क किया और मिजे को जेल में
प्रताड़ित न करने का अनुरोध किया।
गुमिन मिजे की गिरफ्तारी के मामले पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब
देते हुए मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि गुमिन मिजे कई वर्षों से नशीली दवाओं से
संबंधित मामलों के खिलाफ काम कर रहे हैं और अच्छा काम कर रहे हैं। हाल ही में वे
नशीली दवाओं से संबंधित मामले के सिलसिले में असम में भी गए थे, जहां एक घटना घटी। असम पुलिस और अदालत इस मामले में कानून के अनुसार काम कर
रही है और हमें इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन मैंने इस मामले पर असम सरकार से संपर्क किया है और उनसे अनुरोध है कि
उन्हें जेल में प्रताड़ित न किया जाए।
अरुणाचल प्रदेश सरकार घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही है और कानूनी प्रक्रियाओं
का उचित पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में है।
इस मुद्दे ने पूरे अरुणाचल में जनता की तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हुई है, जिसमें कई संगठनों और नागरिकों ने असम में नशीली दवाओं के
खिलाफ कार्यकर्ता गुमिन मिजे की गिरफ्तारी और कथित दुर्व्यवहार पर चिंता व्यक्त की
है।
खांडू ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और
कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए असम के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में
काम कर रही है। तदनुसार, असम सरकार भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
कई संगठनों द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ कार्यकर्ता और अरुणाचल एंटी ड्रग्स
वॉरियर के अध्यक्ष गुमिन मिजे के खिलाफ हिरासत में यातना के आरोपों ने अरुणाचल
प्रदेश में व्यापक चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसमें कई युवा
संगठनों और नागरिक समाज संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रूपम काकोती की पत्नी पोपी काकोती द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, असम के लखीमपुर जिले के बिहपुरिया पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चेस्सा क्षेत्र मे
गुमिन मिजे को हाल ही में असम पुलिस ने अरुणाचल पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी