यदि संघ शक्तिशाली होता तो देश का विभाजन नहीं होता! आम्बेकर के कथन का निहितार्थ
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
भारत का विभाजन सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, अपने समय में वह भारतीय समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाली ऐसी त्रासदी थी, जिसने करोड़ों लोगों को विस्थापन, हिंसा और असुरक्षा की आग में झोंक दिया। वर्ष 1947 का वह दौर भारती
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