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गुवाहाटी, 21 मई, (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुरुवार को लोक भवन में डॉ. सुधीर कुमार जैन द्वारा लिखित पुस्तक “डायबीटिक फूट: सम अन्नोन फैक्ट्स” का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि समाज में मधुमेह के बढ़ते मामलों और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समय पर चिकित्सकीय उपचार को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मरीजों, देखभाल करने वालों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी, क्योंकि इसमें डायबिटिक फुट केयर से जुड़ी सटीक, प्रमाण आधारित और सरल जानकारी दी गई है।
राज्यपाल ने डॉ. जैन की सराहना करते हुए कहा कि उनके लंबे चिकित्सकीय अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक डायबिटिक फुट संक्रमण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, उचित उपचार और जागरूकता के माध्यम से लोगों की जान और अंग दोनों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए संस्कृत श्लोक “सर्वे भवन्तु सुखिनः...” का उल्लेख किया और कहा कि यह भारत की सार्वभौमिक कल्याण एवं सामूहिक स्वास्थ्य की प्राचीन भावना को दर्शाता है। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक लोगों को निवारक स्वास्थ्य उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
पुस्तक के लेखक सुधीर कुमार जैन ने कहा कि इलाज से बेहतर बचाव होता है और डायबिटिक फुट से जुड़ी जटिलताओं से बचने के लिए जागरूकता तथा शुरुआती चिकित्सा बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुस्तक को असमिया, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में प्रकाशित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में राज्यपाल के आयुक्त एवं सचिव एसएस मीनाक्षी सुंदरम, श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूप बर्मन, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय संकाय सदस्य डॉ. बीबी कुकरेजा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश