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चंडीगढ़, 06 मार्च (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में करीब साढे पांच दशक पुराने आवासन बोर्ड (हाउसिंग बोर्ड) को भंग करने की मंजूरी के बाद सर्वस्व आवास विभाग (हाउसिंग फार आल) के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन ने शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड को भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हाउसिंग बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) संभालेगा।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन 20 फरवरी को आवासन बोर्ड को भंग करने के लिए सरकारी संकल्प पारित किया गया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सदन में आश्वस्त कर चुके हैं कि आवासन बोर्ड में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। आवासन बोर्ड के कर्मचारियों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में शामिल किए जाने के बावजूद सेवा शर्तें, वेतनमान और लाभ सुरक्षित रहेंगे।
अधिसूचना जारी होते ही हाउसिंग बोर्ड की सभी चालू योजनाएं, भूमि बैंक, परिसंपत्तियां, देनदारियां और संविदात्मक दायित्व अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आ गए हैं। इसमें मौजूदा आवासीय कालोनियां, लंबित आवंटन और रखरखाव संबंधी जिम्मेदारियां शामिल हैं। एक ही शहरी विकास प्राधिकरण होने से एकीकृत टाउनशिप, सेक्टर लेआउट और बुनियादी ढांचा गलियारों की योजना बनाना आसान हो जाएगा। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा आवासन बोर्ड की स्थापना की गई थी। पांच दशकों से अधिक समय में इसने राज्य भर में हजारों आवास इकाइयां विकसित कीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा