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चंडीगढ़, 06 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के लोगों को डंकी (अवैध) रूट से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए विधानसभा में हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से यह विधेयक लाया गया है। नये कानून में प्रावधान किया जाएगा कि ट्रैवल एजेंट न केवल देश बल्कि विदेश में भी अपना कोई नेटवर्क स्थापित नहीं कर सकेंगे।
उनका पंजीकरण अनिवार्य होगा और बिना पंजीकरण के काम करने वाले ट्रैवल एजेंटों को जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा। ट्रैवल एजेंटों पर नकेल कसने के लिए हरियाणा सरकार ने साल 2024 और 2025 में दो बार कानून बनाकर विधानसभा से पास करवाया और उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा, लेकिन दोनों बार कानून का मसौदा जरूरी संशोधनों के सुझाव के साथ वापस लौट आया है।
इस बार राज्य सरकार फिर तीसरी बार संशोधित कानून बनाने जा रही है। साल 2025 में विधानसभा में पेश किए गए विधेयक में प्रविधान किया गया था कि ट्रैवल एजेंटों का अनिवार्य पंजीकरण और डोंकी रूट से लोगों को विदेश भेजने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने इस संशोधित कानून को हरियाणा सरकार को वापस लौटाते हुए कहा है कि ’हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम 2025’ में कुछ ऐसे प्रविधान हैं, जो विदेश में रोजगार हेतु भारतीय नागरिकों के प्रवास को नियंत्रित करने वाले उत्प्रवास अधिनियम 1983 के साथ असंगत प्रतीत होते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा