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इटानगर, 06 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन कर व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, शिक्षा प्रशासन, शहरी नियोजन तथा प्रशासनिक सुधार से जुड़े सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। इन विधेयकों के माध्यम से राज्य के विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक क्षेत्रों में सुधार लाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक पेश किया। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य राज्य में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, आग से बचाव की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना तथा भवनों और अन्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षा प्रावधानों को मजबूत करना है।
शिक्षा मंत्री पासांग दोरजी सोना ने अरुणाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन (विनियमन और प्रबंधन) विधेयक प्रस्तुत किया। इस विधेयक के माध्यम से शिक्षा विभाग के शिक्षकीय तथा गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया को नियमित करने के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव है।
उपमुख्यमंत्री चौना मेन, जो वित्त, योजना और निवेश विभाग भी संभालते हैं, ने दो विधेयक सदन में पेश किए। इनमें अरुणाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक शामिल है, जिसका उद्देश्य राज्य के जीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों में संशोधन करना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक भी प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से वर्ष 2006 के एफआरबीएम अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है।
इसी क्रम में पंचायती राज मंत्री ओजिंग तासिंग ने अरुणाचल प्रदेश स्थानीय प्राधिकरण (दलबदल निषेध) (संशोधन) विधेयक पेश किया, जो स्थानीय निकायों में लागू दलबदल विरोधी कानून में संशोधन का प्रस्ताव करता है।
शहरी विकास मंत्री बालो राजा ने अरुणाचल प्रदेश अर्बन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री पासांग दोरजी सोना ने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन (संशोधन) विधेयक भी पेश किया।
विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान इन सभी विधेयकों पर आने वाले दिनों में विस्तार से चर्चा किए जाने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश