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एक साल बाद भट्ठा संचालक के खिलाफ हुआ मामला
दर्ज
हिसार, 06 मार्च (हि.स.)। एक साल पहले नारनौंद
से उचाना सड़क मार्ग पर गांव बुडाना के पास ढांडा ईंट भट्टा उद्योग पर अचानक से दीवार
गिरने से हुई चार बच्चों की मौत मामले में बाल संरक्षण आयोग के दखल के बाद भट्ठा संचालक
पर केस दर्ज किया गया है। हादसे में तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस
ने इस मामले में शुक्रवार काे भट्ठा संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नारनौंद उचाना सड़क मार्ग पर गांव बुडाना के
पास ढांडा ईंट भट्टा उद्योग पर 22 दिसंबर 2024 की रात को ईंट भट्ठे की दीवार गिरने
से एक बड़ा हादसा हो गया था। इसमें चार बच्चे सूरज, विवेक, नंदिनी और निशा की मौत हो
गई थी। इस मामले में 15 महीने बाद पुलिस ने बाल संरक्षण आयोग के आदेश पर कार्रवाई करते
हुए भट्ठे के मालिक जुलाना के वार्ड 12 निवासी सोनू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत
मामला दर्ज किया है। अभी तक भट्ठा संचालक की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं के गांव बैरमई निवासी
भगवान दास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका परिचित मुरारी पिछले काफी समय से गांव
बुडाना के पास ढांडा ईंट भट्टा उद्योग पर काम कर रहा था। उसके कहने पर हम भी भट्ठे
पर काम करने के लिए यहां आ गए थे। भट्ठे से पक्की हुई ईंटों को बाहर निकालने के काम
पर लग गए थे। मामले के अनुसार 22 दिसंबर 2024 की शाम को वो ईंटों को बाहर निकालने के
लिए आ गए थे। साथ में बच्चे भी आ गए। ठंड ज्यादा होने के कारण बच्चे सूरज, विवेक और
नंदनी को भट्ठे के अंदर ही एक दीवार के साथ चारपाई लगाकर उनको सुला दिया था। उसके साले
मुरारी के बच्चे निशा, गौरी, हिमांशी भी वहीं आकर सो गए। साथ में मुरारी के ताऊ का लड़का
राजेश भी बच्चों के साथ बैठ गया। रात को करीब साढ़े दस बजे अचानक से दीवार गिर गई थी, जिसके कारण सभी बच्चे ईंटों के नीचे दब गए थे। इलाज के लिए उनको सरकारी हॉस्पिटल में
भर्ती करवाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने जय भगवान के तीनों बच्चे सूरज, विवेक और नंदिनी
को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल निशा, गोरी, हिमांशी और राजेश को हिसार के
लिए रेफर कर दिया। जहां पर डॉक्टर ने निशा को मृत घोषित कर दिया था। उस समय भट्टा संचालक
के साथ समझौता हो गया था। पुलिस ने इतफाकिया कार्रवाई करके सभी बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम
करवा कर परिजनों को सौंप दिए थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर