प्रदेश कार्यकारिणी में निशीथ प्रमाणिक को शामिल कर राजवंशी वोट बैंक साधने में जुटी भाजपा
भाजपा की नई राज्य समिति घोषित, निशीथ प्रमाणिक बने प्रदेश उपाध्यक्ष
निशीथ प्रमाणिक


कूचविहार, 8 जनवरी (हि.स)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई प्रदेश कार्य समिति की घोषणा एक दिन पहले कर दी है। 35 सदस्यीय इस कार्यसमिति में राजवंशी समुदाय से आने वाले पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने और राजवंशी वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति के तहत निशीथ को राज्य कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।

2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद निशीथ प्रमाणिक को लंबे समय तक पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं देखा जा रहा था।

यहां तक कि कूचबिहार में हमलों का शिकार हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी दूरी को लेकर संगठन के एक वर्ग ने सवाल भी उठाए थे। हालांकि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पिछले एक महीने से वे फिर से सक्रिय नजर आ रहे हैं। खासकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) जैसे मुद्दों पर उन्हें आंदोलन करते हुए देखा गया है।

ऐसे में प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति से जिला राजनीति में उनकी स्थिति और मजबूत हुई है।

कूचबिहार में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता उदयन गुहा के मुकाबले भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर निशीथ प्रमाणिक को ही देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उत्तर बंगाल की सीटों को दोबारा हासिल करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व निशीथ को आगे रखकर ही रणनीति बनाना चाहता है।

नई जिम्मेदारी मिलने पर निशीथ प्रमाणिक ने कहा, भाजपा का एकनिष्ठ सिपाही हूं। पद मेरे लिए सबसे बड़ी चीज नहीं है। पार्टी ने जो बड़ी जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। कूचबिहार ही नहीं 2026 में पूरे राज्य में भाजपा की जीत सुनिश्चित करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निशीथ प्रमाणिक की यह नई राजनीतिक पारी उत्तर बंगाल के सियासी समीकरण को किस दिशा में ले जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार