Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

-हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन ने गुरुग्राम में महिलाओं की सुनी शिकायतें
गुरुग्राम, 08 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने दो दिवसीय गुरुग्राम दौरे के पहले दिन पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में महिला उत्पीडऩ एवं घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान आयोग में दर्ज 20 शिकायतों पर विस्तार से सुनवाई की गई। सभी मामलों में संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान एक मामले में सामने आया कि एक युवक से महिला की शादी तय हो चुकी थी और शादी होने वाली थी। इसी विश्वास के आधार पर युवक ने महिला से करीब 10 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में वह बिना जानकारी दिए लंदन चला गया। इस पर चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन माह के भीतर पूरी राशि महिला को वापस दिलाने के आदेश दिए। तय समयसीमा में कार्रवाई न होने पर कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी।
एक अन्य प्रकरण में एक महिला ने अपने पति पर शराब के नशे में मारपीट करने और जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया। महिला ने बताया कि उसके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 10 और 6 वर्ष है, और वह पिछले आठ महीनों से मायके में रह रही है। पुलिस अधिकारियों ने आयोग को अवगत कराया कि इस मामले में चालान न्यायालय में पेश किया जा चुका है और ट्रायल जारी है। आयोग ने मामले की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
बीमारी का आरोप लगाकर साथ रहने से इनकार का मामला भी आया
एक वैवाहिक विवाद में पति द्वारा पत्नी पर बीमारी का आरोप लगाकर साथ रहने से इनकार करने का मामला भी सामने आया। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति दूसरी शादी करना चाहता है और इसी उद्देश्य से उस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पर चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने सीएमओ को पत्र लिखकर महिला की मेडिकल स्थिति की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि यदि विवाह के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं तो ऐसी दूसरी शादी को किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा। वहीं एक महिला ने एक बिल्डर पर ठेका लेकर बीच में काम छोडऩे और भुगतान प्राप्त करने के बावजूद कार्य अधूरा छोडऩे का आरोप लगाया। इस मामले में भी आयोग ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक दंपति के वैवाहिक विवाद में आयोग ने दो से तीन काउंसलिंग सत्र आयोजित कराने के निर्देश दिए। काउंसलिंग के दौरान आपसी समझौता कराते हुए दोनों पक्षों को साथ रहने और पारिवारिक जीवन को पुन: शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर