कैथल: दुष्कर्म की झूठी शिकायत करने वाली युवती पर चलेगा मुकदमा
उपायुक्त अपराजिता ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सुनीं लोगों की समस्याएंए छह शिकायतों का मौके पर निपटारा, तीन मामलों में जांच कमेटी गठित
आरकेएसडी कालेज के सभागार में आयाेजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में  शिकायताें की सुनवाई करतीं डीसी अपराजिता


कैथल, 09 जनवरी (हि.स.)। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक युवक पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोप को जांच में झूठा पाए जाने पर अब शिकायतकर्ता युवती के खिलाफ ही कार्रवाई होगी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अपराजिता ने मामले को ड्रॉप करने के आदेश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक उपासना ने बताया कि जांच में शिकायत असत्य पाई गई है, जिसके चलते झूठी शिकायत देने वाली युवती के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

बताया गया कि संबंधित युवती ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के समक्ष जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत दी थी कि उसके साथ युवक ने दुष्कर्म किया है और पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद मामला झूठा साबित हुआ।

बैठक में एक अन्य मामले में पिछले पांच वर्षों से अपने भाई की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगा रही बहन की शिकायत पर चर्चा हुई। जब उपायुक्त ने बताया कि मामला सीबीआई को ट्रांसफर हो चुका है और इसे समिति की बैठक से ड्रॉप किया जा रहा है तो समिति के सदस्यों ने एक स्वर में आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक शिकायत को ड्रॉप नहीं किया जाना चाहिए। सदस्यों की बात को स्वीकार करते हुए उपायुक्त ने इस शिकायत को पेंडिंग रखने के निर्देश दिए। इस बैठक में परिवहन, श्रम एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज के नई पहुंचने पर उपायुक्त अपराजिता ने कार्यवाही संभाली।

विकास कार्य में धांधली के आराेप

इसके अलावा राजौंद निवासी राकेश राणा ने राजौंद में चल रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नगर पालिका सचिव के खिलाफ शिकायत रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य केवल कागजों में हुए हैं, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और है। चार माह से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने की बात भी उन्होंने कही। इस पर उपायुक्त ने शिकायत को पेंडिंग रखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने के आदेश दिए।

उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि बैठक में कुल 15 शिकायतें आईं, जिनमें से छह का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि नौ मामलों को लंबित रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तीन मामलों में जांच कमेटी गठित कर अगली बैठक में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं।

नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत पर हुई जवाबतलबी

गांव कांगथली निवासी कृष्ण कुमार व अन्य द्वारा नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत पर डीसी अपराजिता ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी से अब तक की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी हासिल की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस डेयरी से 27 जगहों पर यहां से तैयार माल भेजा जाता था। जिसमें हरियाणा में सात, पंजाब में 16 और यूपी में चार जगहों पर माल भेजा जाता था। आगामी कार्रवाई के लिए विभागीय आला अधिकारियों को संबंधित प्रदेशों के सक्षम अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। डेयरी को सील कर दिया गया है और उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इस शिकायत का भी निवारण कर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे