हिसार : एचईआरसी उपभोक्ताओं के हितों की बजाय सरकार के निर्देशों पर कर रहा काम : संपत सिंह
सदस्यों का व्यवहार बेहद खराब, ऐसा लगता है कि वे उपभोक्ताओं के हितों के लिए बने आयोग के सदस्य न होकर सरकारी अधिकारी हैं हिसार, 09 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक संपत सिंह ने आरोप लगाया
पूर्व मंत्री संपत सिं​ह।


सदस्यों का व्यवहार बेहद खराब, ऐसा लगता है कि वे उपभोक्ताओं के

हितों के लिए बने आयोग के सदस्य न होकर सरकारी अधिकारी हैं

हिसार, 09 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक

संपत सिंह ने आरोप लगाया है कि हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) उपभोक्ताओं

के हितों में स्वतंत्र आयोग के बजाय सरकार के निर्देशों पर काम कर रहा है। एचईआरसी

के सदस्यों का व्यवहार बेहद खराब है और ऐसा लगता है कि वे उपभोक्ताओं के हितों के लिए

बने आयोग के सदस्य न होकर सरकारी अधिकारी हों।

संपत सिंह ने कहा कि एचईआरसी को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बिजली उपभोक्ताओं

के हितों की रक्षा के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन अब यह आयोग उसके उलट सरकार, यूएचबीवीएन

और डीएचबीवीएन के पक्ष में काम कर रहा है। आयोग पावर वितरण कंपनियों (डिस्कॉमस) द्वारा

मनमाने और गैर-तार्किक टैरिफ वृद्धि को रोकने में विफल रहा है।

पॉवर वितरण कंपनियां

डिस्ट्रिब्यूशन लॉस, लाइन लॉस और बिजली चोरी को रोक नहीं पा रही हैं और उस सारे नुकसान

की भरपाई उपभोक्ताओं को करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग पूरी तरह से

राज्य सरकार के निर्देशों पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने वित्त

वर्ष 2018-19, 2020-21 और 2023-24 में राजनीतिक लाभ पाने के मंसूबे से बिना एचईआरसी

के सब्सिडी निर्देशों के कुछ उपभोक्ता वर्गों के लिए टैरिफ रियायतें घोषित की थी जिससे

अन्य निर्दोष उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा

65 के तहत, सरकार द्वारा निर्देशित किसी भी सब्सिडी का भुगतान पहले से किया जाना आवश्यक

है। आयोग को इस प्रावधान को लागू करना चाहिए था। ये बातें उन्होंने डिस्कॉम द्वारा

एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) दाखिल किए जाने के संदर्भ में कहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर