नोएडा: कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल बोले—बीएलओ ने उनका व पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से काटा,चुनाव आयोग का जवाब सही किया
नोएडा, 07 जनवरी (हि.स.)। अभी हाल ही में गाजियाबाद से नोएडा शिफ्ट हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका और पूरे परिवार का नाम कटने का दावा करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से बीएलओ पर आरोप लगाया है। हालांकि च
फाइल फोटो : गुरदीप सिंह सप्पल


नोएडा, 07 जनवरी (हि.स.)। अभी हाल ही में गाजियाबाद से नोएडा शिफ्ट हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका और पूरे परिवार का नाम कटने का दावा करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से बीएलओ पर आरोप लगाया है। हालांकि चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता को जवाब देते हुए बताया कि बीएलओ ने सही काम किया है और जिस तरह वह अपना नाम जाेड़ने के लिए फॉर्म 6 भरेंगे, उसी तरह सभी लोग भर सकते हैं।

कांग्रेस नेता ने नाम कटने की जानकारी एक्स पर देते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका और परिवार का नाम गायब है जबकि उनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था, माता-पिता के नाम भी 2003 की वोटर लिस्ट में थे। आयोग के नियमों के अनुसार जरूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए थे।

सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता ने खुद ही कारण बताते हुए लिखा कि उनका घर पहले उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद विधान सभा क्षेत्र में था। वहां से अब वे नोएडा विधानसभा क्षेत्र मे शिफ्ट हो गए है। उन्हें बताया गया कि एसआईआर में शिफ्ट हुए वोटरों का नाम बरकरार रखने का कोई प्रावधान नहीं है। मतलब, अगर किसी वोटर ने अपना घर किसी नए इलाके में बदल लिया है, तो उसका नाम काट दिया गया है। सप्पल ने कहा, 'मेरे जैसे करोड़ों सही वोटर हैं। मैं तो शायद फिर भी नया फॉर्म 6 भर कर अपने परिवार का नाम जुड़वा लूंगा, लेकिन कितने लोग ऐसा कर पायेंगे।

उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के एक्स हैंडल से कांग्रेस नेता को जवाब देते हुए लिखा गया कि 'गुरदीप जी धन्यवाद। आपने अपनी पोस्ट में आपके और आपके परिवार के सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से कटने का सही कारण भी बताया कि आप गाजियाबाद से नोएडा शिफ्ट कर गए हैं। बीएलओ ने अपना कार्य सही ढंग से किया है जो आपका नाम गाजियाबाद जिले की वोटर लिस्ट से काट दिया। आपको और आपके परिवार के सदस्यों को गौतम बुद्ध नगर जिले की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने हेतु फॉर्म 6 भरना चाहिए। जिस प्रकार आप फॉर्म 6 भर सकते हैं बिलकुल उसी तरह आपके जैसी स्थिति में रहने वाले बाकी लोग भी फॉर्म 6 भर सकते हैं और उन्हें फॉर्म 6 भरना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी