'वन नेशन, वन इलेक्शन' देश में स्थिरता, सुशासन और संसाधनों की बचत की दिशा में एक सार्थक कदम: वीरेंद्र सचदेवा
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा बुधवार को वन नेशन, वन इलेक्शन” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय, नॉर्थ कैंपस स्थित विवेकानंद प्रतिमा परिसर में आयोजित कार्य
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और कुलपति प्रो. योगेश सिंह के साथ छात्र।


नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा बुधवार को वन नेशन, वन इलेक्शन” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय, नॉर्थ कैंपस स्थित विवेकानंद प्रतिमा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. योगेश सिंह के साथ सम्मिलित हुए।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने स्टूडंट्स फॉर वन नेशन वन इलेक्शन द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरूकता अभियान के तहत हस्ताक्षर कर अभियान को अपना समर्थन दिया।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह पहल देश में स्थिरता, सुशासन और संसाधनों की बचत की दिशा में एक सार्थक कदम है। युवा शक्ति की यह जागरूक भागीदारी एक मजबूत और विकसित भारत का आधार बनेगी।

इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव न केवल सरकारी संसाधनों और धन की भारी बर्बादी करते हैं बल्कि विकास कार्यों की गति को भी बाधित करते हैं।

उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में आचार संहिता लागू होने से जनकल्याणकारी योजनाएं रुक जाती हैं और प्रशासनिक मशीनरी चुनावी तैयारियों में व्यस्त हो जाती है, जिससे आम जनता को नुकसान उठाना पड़ता है।

सचदेवा ने “वन नेशन, वन इलेक्शन” की अवधारणा को देशहित में बताते हुए कहा कि एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने से प्रशासनिक स्थिरता आएगी, नीतियों का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सकेगा और सरकारें अपने पूरे कार्यकाल में विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे चुनावी खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी और राजनीतिक दलों को भी बार-बार चुनावी मोड में रहने से राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और समय के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सुधार स्वाभाविक है। “वन नेशन, वन इलेक्शन” उसी सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में सचदेवा ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, सकारात्मक विचारों को आगे बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई प्राध्यापक, छात्र संगठन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी